दमोह ईसाई मिशनरी छात्रावासो से मिले धर्मांतरण के सबूत, राष्ट्रीय बाल संरक्षण आयोग के अचानक दौरे से मचा हड़कंप

दमोह। राष्ट्रीय बाल संरक्षण आयोग (National Commission for Protection of Child Rights) के अध्यक्ष प्रियंक कानूनगो रविवार को दमोह पहुंचे थे। जहां बैठक लेने के बाद दमोह जिले (Damoh) में मिशनरियों (Missionaries) द्वारा संचालित छात्रावासों व बाल भवन (Hostels and Bal Bhavan) के औचक छापामार निरीक्षण कर दिया। जिससे जिले के मिशनरियों में हड़कंप मच गया और संस्थानों में भर्ती बच्चों को यहां-वहां करने लगे। मारुताल में दो दिन पहले टंकी ढहने वाले क्षेत्र में बालक व बालिका छात्रावास संचालित पाया गया। जिसमें छात्रों से पूछताछ के दौरान धर्मांतरण (Conversion) की जानकारी सामने आई।

जबलपुर बाईपास के समीप एससीआरडी भड़ावारी छात्रावास कैंपस में आधे घंटे तक पुलिस और अध्यक्ष को बाहर रोका गया। जब काफी देर तक ताला नहीं खोला गया तब पुलिस के द्वारा फेन्सिंग काटकर परिसर में प्रवेश किया गया। जहां दिव्यांग बच्चों को नियम विरुद्ध तरीके से रखने की जानकारी सामने आई है। जिसके विरुद्ध प्रियंक कानूनगो ने देहात थाना में पहुंचकर प्राथमिकी दर्ज भी कराई। जिसमें अध्य्क्ष विवर्त लाल, सचिव आरडी लाल, सदस्य शीला लाल, मंजूला बर्नबास, विवेक लाल, शानित लाल, जेके हेनरी के अलावा अरनिष्ट और एंजिला लाल व अजय लाल (Ajay Lall) पर मामला दर्ज कराया गया।

जिसमें मध्य प्रदेश धार्मिक स्वतंत्रता अधिनियम की धारा 3 और 5 के अलावा भारतीय दंड संहिता 370 व जेजे एक्ट के तहत मामला दर्ज कराया गया। पूरे मामले में देखने वाली बात यह रही कि दमोह की बाल कल्याण समिति के अध्यक्ष प्रेक्षा पाठक का मोबाइल औचक निरीक्षण के दौरान जब्त कर लिया गया। उन पर छात्रावास संचालक को फोन कर सूचना देने का आरोप था।

वहीं महिला बाल विकास अधिकारी संजीव मिश्रा ‘को भी जमकर फटकार लगाई। संजीव मिश्रा से पूरे मामले में एफआइआर दर्ज कराने के निर्देश दिए। जिसमें संजीव मिश्रा के द्वारा असहमति दर्ज कराई गई। जिसके चलते राष्ट्रीय अध्यक्ष को स्वयं मामले में थाने जाकर एफआईआर दर्ज कराना पड़ी।

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