पूर्व वित्त मंत्री जयंत मलैया के वॉर्ड में दशकों बाद भाजपा को मिली करारी हार कांग्रेस कि सीट बरकार

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दमोह। मध्यप्रदेश के दमोह विधानसभा उपचुनाव में कांग्रेस ने सत्तारूढ़ दल भारतीय जनता पार्टी को तगड़ा झटका देते हुए जीत हासिल की और इस सीट पर अपना कब्जा बरकरार रखा है। कोरोना महामारी के बीच हुआ यह उपचुनाव बीजेपी के गले की फांस बन गया।


देश में कोरोना से मचे हाहाकार के कारण भाजपा प्रत्याशी राहुल सिंह लोधी पर दमोह की जनता का गुस्सा फूटा है। इन्हीं परिस्थितियों को देखते हुए बीजेपी ने इस सीट पर अपना पूरा दमखम दिखाया था। इसमें खुद सीएम शिवराज सिंह चौहान ने चार सभाएं की थी। वहीं, प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा भी दमोह में हफ्तेभर डेरा डाले रहे भूपेंद्र सिंह गोपाल समेत कई मंत्री ने जमकर रैली और सभाएं कि।


परंतु राहुल सिंह लोधी (Rahul Singh Lodhi) कांग्रेस के उम्मीदवार अजय कुमार टंडन से 17089 से अधिक मतों से हार गए। कांग्रेस को 52% से ज्यादा वोट प्राप्त हुए हैं वहीं बीजेपी को 40% और 6 % अन्य के खाते में गए हैं। 


आपको बता दें कि कांग्रेस से पहली बार विधायक बने राहुल लोधी ने कांग्रेस कि सत्ता जाते ही भाजपा का दामन थाम लिया था। लेकिन इस उपचुनाव कि काउंटिंग में वह किसी भी राउंड में आगे नहीं बढ़ पाये। यहां तक की पूर्व वित्त मंत्री जयंत कुमार मलैया के वॉर्ड में दशकों बाद बीजेपी को हार मिली हैं। वहीं राहुल सिंह को अपने ही गाँव के बूथ पर कांग्रेस के उम्मीदवार से भी कम वोट मिले हैं।


दरासल दमोह का यह उपचुनाव केंद्रीय मंत्री और दमोह सांसद प्रह्लाद सिंह पटेल और पूर्व वित्त मंत्री जयंत मलैया के बीच छद्म लड़ाई के रूप में देखा जा रहा था, बीजेपी ने कांग्रेस से राहुल लोधी को टिकट दिया था, इस उपेक्षा से जयंत मलैया और उनके बेटे खासे नाराज थे, लेकिन बाद में पार्टी ने मलैया को प्रचार के लिए मना लिया।


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आपको बता दें कि जयंत मलैया ने दमोह विधानसभा सीट (Damoh Assembly Seat) से छह बार जीत हासिल कि थीं, लेकिन 2018 में कांग्रेस के राहुल सिंह लोधी से लगभग 700 वोटों से हार गए थे।

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