दमोह में मिले ब्लैक फंगस के 4 मरीज़, इलाज के लिये भेजा गया बाहर

black fungus in damoh

दमोह। Black Fungus in Damoh: कोरोनावायरस संक्रमण (CoronaVirus Infection) से उबरे मरीजों को इन दिनों ब्‍लैक फंगस (Black Fungus) से भी जूझना पड़ रहा है। शहर में कोरोना संक्रमण के बाद ब्लैक फंगल की दस्तक ने लोगों की परेशानी को और बड़ा दिया है। शहर में पिछले दो दिन में 4 मरीजों के सामने आने से शहर में हड़कंप मच गया है। देश के अन्य राज्यों के साथ मध्य प्रदेश में तेजी से इस संक्रमण के मामले सामने आ रहे हैं. प्रदेश में कोविड-19 से उबर चुके मरीजों में ब्लैक फंगल (म्यूकोरमाइकोसिस) के कम से कम 50 मामले सामने आए हैं।

दमोह में मिले इन मरीजों के संबंध में जिला चिकित्सालय (District Hospital) में पदस्थ नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉ. राकेश राय ने बताया कि शहर में अभी तक ऐसे 4 मरीज सामने आए हैं जो म्यूकोरमाइकोसिस (mucormycosis) संक्रमण की चपेट में आये हुए है। डॉ. ने बताया कि कोरोना वायरस के संक्रमण से उबर चुके लोगों के शरीर की प्रतिरोधक क्षमता कमजोर पड़ जाती है। ऐसे में शुगर के मरीजों पर एक नया खतरा हमला कर रहा है।

दो दिन में ब्लैक फंगल के 4 मामले सामने आए हैं जिनके लिए जिले में इलाज की किसी भी प्रकार की कोई सुविधा नहीं है। ऐसे में इन मरीजों को नागपुर, जबलपुर, भोपाल और इंदौर भेजा गया है। यह फंगल संक्रमण सबसे पहले साइनस में होता है जब रोगी कोविड-19 से ठीक हो जाता है और लगभग दो-चार दिनों में यह आंखों पर आक्रमण करता है और फिर उसके अगले 24 घंटों में मस्तिष्क तक पहुंच सकता है. इस स्टेज पर मरीज की जान जाने जैसी नौबत तक आ सकती है।

जब हमने इस संबंध में मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ संगीता त्रिवेदी से बात की तो उन्होंने बताया कि ब्लैक फंगल (म्यूकोरमाइकोसिस) रोकने के लिए एम्फोटिसिरिन बी 50 एमजी इंजेक्शन की आवश्यकता होती है लेकिन यह इंजेक्शन फिलहाल उपलब्ध नहीं है। इसका संक्रमण सायनसएलग्स और ब्रेन तक फेल रहा है। इसलिए मरीजों को इलाज के लिए बाहर भेजा जा रहा है। उन्होंने बताया की शहर में कुल 4 मरीज अभी तक सामने आये है इन चार मरीजो में एक हटा एवं तीन दमोह शहर के ही निवासी हैं।

ब्‍लैक फंगस संक्रमण के लक्षण (Black Fungus Symptoms)

ब्‍लैक फंगस से संक्रमित मरीजों के नाक, चेहरे, दांत, आंख और सिर में दर्द रहता है। उनके नाक से पानी और खून निकल सकता है। नाक में काली पपड़ी भी जम सकती है। आंखें लाल हो सकतीं हैं, उनमें सूजन हो सकती है। कई मामलों में आंखें बाहर निकल आती हैं तथा रोशनी भी जा सकती है।

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एक्सपर्ट की माने तो यह संक्रमण कोरोना की वजह से फैल रहा है और इसका इलाज हो सकता है, लेकिन अगर इलाज में देरी हो जाए या इलाज न मिले तो इससे मरीज की मौत भी हो सकती है. इस रोग के विशेषज्ञों की मानें तो ब्लैक फंगस के लक्षण कोरोना से रिकवर होने के दो से तीन दिन बाद दिखाई दे रहे हैं।

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