दमोह के सिंगौरगढ़ वन अभ्यारण में 144 प्रकार के विभिन्न प्रजातियों के गिद्ध पाए गए!

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जबेरा। पर्यावरण का संरक्षक कहे जाने वाले गिद्ध विलुप्ति की कगार पर पहुंच चुके है इसलिए हर साल इनकी गणना वन विभाग के द्वारा की जाती है। सिंग्रामपुर के रानी दुर्गावती वन अभ्यारण में स्थित नजारा व्यू पॉइंट के पास जो कि तीनों ओर से पहाड़ी से घिरा हुआ, यहां सैकड़ो की तादाद में विलुप्त होती प्रजाति के गिद्ध पाए जाते है।

यह स्थान वल्चर पॉइंट के नाम से भी जाना जाता है, यहाँ विलुप्त होते गिद्धों को आसानी से चारों ओर आसमान में बड़ी संख्या में समूहों में उड़ते देखे जा सकता है।

गिद्ध इस पहाड़ी पर अपने घोंसले बनाकर रहते है, गिद्धों को देखने के लिए इससे सुंदर स्थान जिले में और कहीं भी नहीं है जहां इतनी बड़ी संख्या में गिद्धों को आसानी से उड़ते हुए या चट्टानों पर बैठा हुआ देखा जा सकता है। वही वर्तमान में यह गिद्ध प्रजाति विलुप्त होती जा रही है, जो शोध का विषय भी है।

वहीं सरकार एवं वन विभाग इनके संरक्षण के लिए विशेष अभियान चला रही है। इसी क्रम में वन विभाग ने प्रदेश स्तर पर गिद्ध गणना शुरू की है। जिसमें सुबह 8:00 से 9:00 के बीच जमीन पर बैठे हुए गिद्ध की गणना की। 

सिंगौरगढ़ वन अभ्यारण में 144 विभिन्न प्रकार के प्रजातियों के गिद्ध पाए गए हैं। जिसमे प्रमुख रूप से इंडियन लॉन्ग बविल्ड, इजिप्शियन गिद्ध, यूरेशियन ग्रेफान, सफेद एजिप्सियन, हिमालय ग्रेफान जैसी दुर्लभ प्रजाति के गिद्ध वन जीव अभ्यारण सिग्रामपुर में पाए गए हैं। प्रदेश स्तरीय गिद्ध गणना में पिछले वर्ष की अपेक्षा इस बर्ष अधिक गिद्ध पाए गए हैं।

इस संबद्ध में रेंजर भगवान सिंह राजपूत ने बताया कि हर साल प्रदेश स्तर पर गिद्धों की गणना होती है, वर्तमान में गिद्धों की प्रजाति विलुप्त होती जा रही है किंतु सिग्रामपुर रेंज में बलचर पॉइन्ट में गिद्धों को रहने का अनोखा स्थान है जहाँ विभिन्न प्रजाति के गिद्ध बड़ी संख्या में घोंसला आदि बनाकर रहते हैं। 

बलचर पॉइंट में गिद्धों को रहने अनुकूल परिस्थितियां है। इस गिद्ध गणना में वन मंडल अधिकारी दमोह, भारतीय जीव संरक्षण संस्थान देहरादून से अजय सिंह, एसडीओ धीरेंद्र प्रताप सिंह,रेंजर भगवान सिंह राजपूत ,आरक्षक अनिल ठाकुर, बृजेश राठौर, कोंदल, गुलाठी का सहयोग रहा। 

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