भ्रष्टाचार : भोपाल में डिप्टी कमिश्नर का एजेंट रिश्वत लेते हुए पकड़ा गया

Deputy commissioner's agent caught in bribe in Bhopal

भोपाल | लोकायुक्त पुलिस ने एक छापामार कार्रवाई के दौरान डिप्टी कमिश्नर लेबर एसएस दीक्षित के एजेंट विपुल शर्मा को ₹100000 रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किया है। डिप्टी कमिश्नर एसएस दीक्षित पर आरोप है कि उन्होंने 1500000 रुपए का भुगतान स्वीकृत करने के बदले 10% कमीसन (₹150000) की रिश्वत मांगी थी। एसएस दीक्षित ने डील करने के लिए विपुल शर्मा को भेजा था।

भ्रष्टाचार का मामला दर्ज हुआ :

भोपाल लोकायुक्त एसपी मनु व्यास ने बताया है कि ग्वालियर, जबलपुर, इंदौर और भोपाल के श्रमोदय विद्यालय का संचालन मप्र संनिर्माण कर्मकार मंडल करता है। मुंबई में रहने वाले गौरव शर्मा ने भोपाल लोकायुक्त को शिकायत की थी कि उनकी फर्म के पास श्रमोदय विद्यालय, बेटमा इंदौर की मेस का ठेका है। स्कूल के हॉस्टल में 800 बच्चे हैं। फर्म को मेस के संचालन के लिए 15 लाख के बिल का भुगतान किया जाना था। सब कुछ नियम अनुसार होने के बावजूद उनका भुगतान रोक दिया गया था। इसी संदर्भ में उन्होंने डिप्टी कमिश्नर एसएस दीक्षित से मुलाकात की लेकिन उसके बाद भी भुगतान नहीं मिला।

लोकायुक्त पुलिस के पास की गई शिकायत में गौरव शर्मा ने बताया कि डिप्टी कमिश्नर श्री एसएस दीक्षित ने 1500000 रुपए के भुगतान के बदले 10% यानी ₹150000 रिश्वत की मांग की थी। यह धमकी भी दी गई थी कि यदि रिश्वत नहीं दी गई तो पेमेंट रोक दिया जाएगा। लोकायुक्त पुलिस ने इस शिकायत की अपने स्तर पर जांच की और जांच में शिकायत सही पाए जाने पर लोकायुक्त पुलिस ने छापामार कार्रवाई की रणनीति बनाई। 

डिप्टी कमिश्नर की तरफ से श्रमोदय विद्यालय भोपाल में मेस चलाने वाले विपुल शर्मा बातचीत कर रहे थे। लोकायुक्त पुलिस ने विपुल शर्मा को ट्रैप करने का प्लान किया।लोकायुक्त पुलिस के कहने पर फरियादी गौरव शर्मा ने रिश्वत की पहली किस्त के तौर पर एक लाख रुपए देने के लिए विपुल शर्मा को क्राइम ब्रांच थाने के पास बुलाया। जब विपुल पैसे लेने पहुंचा तो पहले से घेराबंदी कर बैठी लोकायुक्त पुलिस की टीम ने रिश्वत लेते हुए उसे रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया। विपुल शर्मा के बयान के आधार पर डिप्टी कमिश्नर एसएस दीक्षित के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया है।

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