बीजेपी ने ‘भगवान राम’ समेत ‘कर्ज़ माफ़ी’ जैसे मुद्दों पर साधा पूर्व की कमलनाथ सरकार पर निशाना

damoh upchunav kamalnath

दमोह। दमोह उपचुनाव के बीच कांग्रेस पुनः जिले में वापसी का सपना देख रही है। दमोह विधानसभा में 2018 के चुनाव परिणामों के बाद दमोह में कांग्रेस ने करीब भाजपा के 28 सालों के शासन के बाद वापसी की थी। साथ ही प्रदेश में 15 सालों से निरंतर चली भारतीय जनता पार्टी की सरकार को परास्त कर कमलनाथ के नेतृत्व में कांग्रेस ने सत्ता में वापसी की थी। लेकिन वे सरकार को ज्यादा समय तक नही चला सके और उन्हें मुख्यमंत्री की कुर्सी छोड़नी पढ़ी।

इसी को लेकर भाजपा ने दमोह उपचुनाव में मतदान के ठीक दो दिन पहले कमलनाथ पर कई बड़े आरोप लगाए व जमकर निशाना साधा। चुनावी सभाओं में आरोप-प्रत्यारोप का दौर जारी पर सोशल मीडिया पर इन सब से हटकर अनेकों आरोप लगाए जा रहे है इसी बीच भाजपा ने अपने अलग-अलग वीडियो जारी कर अल्पकाल तक चली कमलनाथ सरकार पर निशाना साधते हुए कई बड़े आरोप लगाए। 

‘भगवान राम’ के जरिए कमलनाथ और कांग्रेस पर निशाना:

बीजेपी ने एक वीडियो जारी किया है जिसमे बीजेपी ने कांग्रेस को  हिन्दुओं का मज़ाक उड़ाने वाली एवं भगवान राम को झूठ बताने वाली पार्टी बताया। हिन्दू धर्म को लज्जित करने एवं हिन्दू धर्म स्थलों पर शराब दुकान खोलने की बात कही गई। विडियो मे समाचार पत्र की रिपोर्ट का हवाला दिया गया जिसमे लिखा हैं ‘धार्मिक क्षेत्रों में दी रिसोर्ट बार खोलने की अनुमति’ बीजेपी ने दमोह में कांग्रेस को नकारने के भी बडी बात कही गई।

कर्ज़ माफ़ी समेत किसानों पर अत्याचार:

बीजेपी द्वारा इस विडियो में कांग्रेस की कमलनाथ सरकार पर कर्ज़ माफी को लेकर घेरा गया है। जिसमे विडियो के पहले ही कहा गया है की कांग्रेस को करतूतों का फ़ल मिलेगा दमोह में फिर कमल खिलेगा, कमलनाथ सरकार की काली करतूतों का सच, किसानों पर अत्याचार, किसानों को नोचने खसोटेने में कमी नही छोड़ी। इसके साथ 10 दिन में कर्ज़ माफ़ी के वादे आदि मुद्दों पर बीजेपी ने तंज कसते हुए कहा की जिसे मध्यप्रदेश की जनता ने नकारा उसे दमोह में कौन पूछेगा।

इससे पहले मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने बांसा, ताराखेडा में आयोजित एक चुनावी जनसभा को संबोधित करते कहा था कि  जब कमलनाथ जी की सरकार थी, तब किसानों से उड़द खरीदी की गई, लेकिन उन्हें उसका मूल्य नहीं दिया गया। 11,873 किसानों को 27.16 करोड़ का भुगतान किया ही नहीं गया।कमलनाथ जी ने धान का भुगतान नहीं किया।

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सीएम शिवराज ने कहा था कि कमलनाथ जी ने बेटियों से उनके विवाह के लिए रु. 51,000 देने का वादा किया। बेटियों की शादी भी हो गई, भांजे-भांजी भी आ गए लेकिन पैसे नहीं आये। किसानों को राहत की राशि भी कमलनाथ जी ने नहीं दी। वो तो फसल बीमा योजना का प्रीमियम भी खा गए। कमलनाथ जी ने इस क्षेत्र से कॉलेज की सौगात भी छीन ली। सिंचाई की योजनाएँ भी नहीं चलने दी।

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