देश में एक बार फिर लग सकता है टोटल लाॅकडाउन जानें क्या है इसका सच?
नई दिल्ली। Fact Check: देश में तेज़ी से बढ़ते कोरोना वायरस के मामलों को लेकर कोविड टास्क फोर्स ने संपूर्ण लॉकडाउन की मांग की है। टॉस्क फोर्स के मेंबर्स (ICMR) इंडियन काउंसल ऑफ मेडिकल रिसर्च का कहना है, कि कोरोना की दूसरी लहर का पीक टाइम मई में ही आएगा। इसलिए संक्रमण की चेन तोड़ने के लिए पूरे देश में दो हफ्ते का (Total Lockdown) पूर्ण लॉकडाउन लगाना जरुरी है।
AIIMS प्रमुख डॉक्टर रणदीप गुलेरिया ने NDTV से एक बातचीत में पिछले साल 2020 में मार्च जैसा लॉकडाउन लगाने की बात कही थी। उनका का कहना था कि कोरोना की दूसरी लहर को हराने के लिए सख्त लॉकडाउन की जरूरत है। केंद्र ने ICMR और एम्स की राय पर अभी कोई फैसला नहीं लिया है।
सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे एक पोस्ट में दावा किया जा रहा है कि केंद्र सरकार ने देश में 3 मई से 20 मई तक सम्पूर्ण लॉकडाउन लगाने की घोषणा की है।#PIBFactCheck: यह दावा #फर्जी है। केंद्र सरकार ने ऐसी कोई घोषणा नहीं की है। pic.twitter.com/Xt93IDnMcc
— PIB Fact Check (@PIBFactCheck) April 30, 2021
सूत्र बताते हैं कि 3 मई के बाद केंद्र सरकार इस पर फैसला ले सकता है। हालाकि यह कहा जा रहा है कि पूर्ण लॉकडाउन नहीं तो आंशिक लॉकडाउन की घोषणा केंद्र सरकार की ओर से की जा सकती है। केन्द्र सरकार आज कोविड टॉस्क फोर्स के साथ अहम बैठक कर सकती है।
आपको बता दें कि भले ही देश में संपूर्ण लॉकडाउन पर फैसला नहीं लिया गया है। लेकिन, कुछ राज्य सरकारें इस तरह की पहले से ही सख्ती कर चुकी हैं। अभी दिल्ली, राजस्थान, हरियाणा, ओडिशा में कम्प्लीट लॉकडाउन है। महाराष्ट्र और पंजाब में मिनी लॉकडाउन लागू किया गया है। यूपी में वीकेंड लॉकडाउन किया जा रहा है। मध्य प्रदेश में भी 7 मई तक जनता कर्फ्यू लगाया गया है।
वहीं, इस मामले पर सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र व राज्य सरकारों से कहा है कि लोक कल्याण के हित में दूसरी लहर के वायरस पर अंकुश लगाने के लिए लॉकडाउन लगाने पर विचार कर सकते हैं। सुप्रीम कोर्ट ने ये भी कहा कि लॉकडाउन लगाने से पहले सरकार ये भी सुनिश्चित करे कि इसका सामाजिक और आर्थिक रूप प्रभाव कम पड़े। सुप्रीम कोर्ट के मुताबिक, जिन लोगों पर लॉकडाउन का असर पड़ सकता है, उनके के लिए खास तरह के इंतज़ाम किए जाएं।
पहले से वायरल हो रही टोटल लॉकडाउन की खबर का पीईबी ने किया खंडन:
कोरोना वायरस संक्रमण को लेकर लॉकडाउन लगाने पर सरकार की ओर से अभी किसी भी तरह का ऐलान नहीं किया गया है। हालांकि इस बीच सोशल मीडिया पर एक पोस्ट तेज़ी से वायरल की हो रहा है। जिसमें यह दावा किया जा रहा है कि देश में 3 मई से लेकर 20 मई तक संपूर्ण (टोटल लॉकडाउन) लगाया जाएगा। लेकिन, अभी तक ऐसा कोई भी फैसला नहीं लिया गया है। ये वायरल हो रही पोस्ट पूरी तरह से फर्जी (fake) है।