दमोह में भाजपा कि हार के बाद खड़े हुऐ कई सवाल आखिर के क्या है बड़ी वजह ?

damoh by poll news

दमोह। दमोह विधानसभा उपचुनाव में हार के बाद बीजेपी में हाहाकार मचा हुआ हैं। वही कांग्रेस फूली नहीं समा रहीं हैं। कांग्रेस प्रत्याशी अजय टंडन ने बीजेपी प्रत्याशी राहुल लोधी को दो तीन हजार नहीं बल्की 17 हजार 89 वोट के बड़े अंतर से हराया है। ये हार इसीलिए बड़ी मानी जा रही क्योंकि कोरोना संक्रमण काल में भी भाजपा ने इस चुनाव में अपने दर्जन भर मंत्रियों के साथ-साथ बड़े बड़े दिग्गजो की पूरी  फौज को इस चुनाव को जितान में लगा दिया फिर कामयाबी नहीं मिल पाई बल्कि इतनी मेहनत के बावजूद पार्टी की करारी हार हुई, हारने के बाद बीजेपी प्रत्याशी राहुल सिंह लोधी ने इस हार ठीकरा जयंत मलैया और उनके परिवार पर फोड़ दिया। 


पहलाद पटेल और नरोत्तम मिश्रा ने पार्टी के खिलाफ़ सडयंत्र बताया:


मध्य प्रदेश के भाजपा के कद्दावर नेता एवं केन्द्रीय मंत्री प्रह्लाद सिंह पटेल एवं गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा ने दमोह विधानसभा सीट पर हुए उपचुनाव में भाजपा की हार के लिए सोमवार को पार्टी की अंदरूनी षडयंत्रकारियों को जिम्मेदार ठहराया है।


नरोत्तम मिश्रा ने ट्वीट करते हुए कहा कि हम ‘‘दमोह नहीं हारे हैं हम, छले गए छलछन्दों से। इस बार लड़ाई हारे हैं हम, अपने घर के जयचंदों से। उन्होंने कहा कि दमोह की जीत पर  कांग्रेस ज्यादा ख़ुशी ना मनाए। मिश्रा ने आगे कहा कि मध्य प्रदेश के कांग्रेस अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ को पूरे देश में कांग्रेस का जो सफाया हुआ है, उस पर भी चिंतन करना चाहिए।

‘दमोह नहीं हारे हैं हम,छले गए छलछन्दों से।
इस बार लड़ाई हारे हैं हम,अपने घर के जयचंदों से।#Damoh की जीत पर @INCMP ज्यादा ख़ुशी नहीं मनाए। @OfficeOfKNath जी को पूरे देश में कांग्रेस का जो सफाया हुआ है, उस पर भी चिंतन करना चाहिए। pic.twitter.com/B1HKQleLTR

— Dr Narottam Mishra (@drnarottammisra) May 3, 2021


वहीं, केन्द्रीय मंत्री प्रह्लाद पटेल ने ट्वीट करते हुए साफ़ कहा कि, ‘‘दमोह चुनाव परिणाम ने भविष्य की चुनौतियों, षड्यंत्रों और कार्यप्रणाली में सुधार के स्पष्ट संकेत दिए हैं। उन्होंने कहा, ‘‘हम सभी कार्यकर्ता अपनी परिश्रम की मूलसामर्थ्य और विद्वेषरहित कार्यप्रणाली से इनका समाधान खोजेंगे। प्रह्लाद पटेल के ट्वीट से अब बात पूरी तरह से स्पष्ट हो जाती है कि उन्हें कमजोर करने के लिए ही दमोह उपचुनाव में पार्टी उम्मीदवार राहुल लोधी को षड्यंत्र के तहत हराया गया।

दमोह चुनाव परिणाम ने भविष्य की चुनौतियों,षड्यंत्रों औरकार्यप्रणाली में सुधार के स्पष्ट संकेत दिए हैं।हम सभी कार्यकर्ता अपनी परिश्रम की मूलसामर्थ्य और विद्वेषरहित कार्यप्रणाली से इनका समाधान खोजेंगे।भारतीय जनता पार्टी को मतदान और सहयोग करने वाले सभी दमोहवासियों का धन्यवाद @BJP4MP

— Prahlad Singh Patel (@prahladspatel) May 3, 2021


भविष्य की चुनौतीयो को भावते हुए शायद खुद पटेल अपने लिए मान रहे हैं। आखिर षड्यंत्र किस स्तर पर किया गया? जयंत मलैया, पार्टी अध्यक्ष वीडी शर्मा, लोक निर्माण मंत्री गोपाल भार्गव या फिर खुद मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने हार की स्क्रिप्ट लिखी? वैसे मुख्यमंत्री चौहान की छवि भाजपा को मजबूती प्रदान करने वाले मुख्यमंत्री के तौर पर रहीं हैं. उनके खाते में कई चुनाव, उपचुनाव जीतने का श्रेय पार्टी को जाता है।


हालाकि ऐसा माना जा रहा है कि दमोह विधानसभा उपचुनाव की हार के बहाने विरोधी मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान को घेरने की कोशिश कर रहे हैं। शिवराज सिंह चौहान नवंबर 2005 से राज्य के मुख्यमंत्री हैं। वर्ष 2018 में पार्टी की पराजय के बाद वे पंद्रह माह मुख्यमंत्री पद से दूर रहे थे. पिछले साल मार्च में सिंधिया के साथ 22 विधायकों के दल बदल लेने के कारण भाजपा की सत्ता में वापसी हुई हैं।


इसी बीच कोरोना का संक्रमण शुरू हो जाने के कारण पार्टी चौहान का कोई विकल्प नहीं ढूंढ़ पाई. चौहान को मुख्यमंत्री की कुर्सी पर पंद्रह साल पूरे होने आ रहे हैं। इस दौरान पार्टी के कई वरिष्ठ नेता मुख्यधारा से बाहर हो गए हैं. जो अभी मुख्यधारा में हैं, उनमें नेतृत्व को लेकर बेचैनी साफ देखी जा सकती है. इनमें कैलाश विजयवर्गीय और अजय विश्नोई के नाम भी शामिल हैं. बंगाल के विधानसभा चुनाव में भाजपा की सीटों में आए उछाल का कोई इनाम विजयवर्गीय को मिल सकता है. विजयवर्गीय बंगाल के प्रभारी महासचिव हैं।


हार के बाद राहुल लोधी के मलैया परिवार पर आरोप


चुनाव के परिणाम खुलते ही हार के बाद राहुल लोधी ने पत्रकार से बात करते हुए कहा कि ‘‘मलैया 35 वर्षों से राजनीति कर रहे हैं और मैं उनके ही वार्ड में हार गया। इस वार्ड को हम कभी नहीं हारे थे। उन्हें बताना चाहिए कि मैं उनका वार्ड कैसे हारा? मलैया को शहरी क्षेत्र की जिम्मेदारी दी थी तो शहरी क्षेत्र में कैसे हारे?’’


लोधी ने आगे कहा, ‘‘मैं तो खुले रूप से आरोप लगाता हूं कि मलैया परिवार की पूरी रणनीति सफल हुई, और भाजपा दमोह से हारी। मैं तो स्पष्ट कहता हूं और मांग करता हूं कि ऐसे लोगों को पार्टी से निष्कासित करना चाहिए।’’



बड़े अंतर की हार से भाजपा नेताओं में बड़ी नाराजगी:


दमोह में बीजेपी की बड़ी हार पर प्रत्याशी राहुल लोधी द्वारा कार्यवाई की मांग पर पूर्व मंत्री जयंत मलैया भी चुप नहीं रहे। उन्होंने सीधे तौर पर कहा कि पार्टी ने गलत उम्मीदवार का चयन किया। इसलिए राहुल बड़े अंतर से यह चुनाव हारे हैं। उन्होंने ये भी कहा कि बड़ी हार किसी नेता के कारण नहीं हो हुई है। वल्की यह वोटर कि नाराज़गी के कारण हुईं हैं। 



अब दमोह उपचुनाव के बहाने भारतीय जनता पार्टी में अंदरूनी लड़ाई तेज होती दिखाई दे रही है। ऐसा माना जा रहा है कि मलैया के बहाने मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान को निशाना बनाने की कोशिश की जा रही है। 


असंतुष्टों का नेतृत्व केन्द्रीय मंत्री प्रह्लाद पटेल करते दिखाई दे रहे हैं. दमोह की हार पर मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि हमारा ध्यान कोविड महामारी से निपटने की ओर था।  पार्टी में मचे सियासी तूफान पर भाजपा प्रदेशाध्यक्ष विष्णु दत्त शर्मा की कोई प्रतिक्रिया अभी तक सामने नहीं आई है।


पार्टी के एक वरिष्ठ पदाधिकारी ने नाम गुप्त रखने की शर्त पर कहा कि दमोह में पूरा कॉडर नेतृत्व से नाराज है. 2018 की हार भी कॉडर की नाराजगी के कारण हुई थी. इस बार पहले से ज्यादा ताकत से कार्यकर्ताओं ने अपना संदेश नेतृत्व को दिया है. कार्यकर्ता राहुल लोधी को पार्टी में लेने का विरोध कर रहा था. लोधी का पार्टी में प्रवेश प्रह्लाद पटेल के प्रयासों का नतीजा है. पटेल हार का जवाब देने के उत्सुक भी नजर आ रहे हैं. पार्टी उम्मीदवार जब काउंटिंग में लगातार पिछड़ रहे थे तब उन्होंने ट्वीट कर कहा हम जीते नहीं पर सीखे बहुत. अगले ट्वीट की आखिरी लाइन में उन्होंने लिखा- विद्वेष रहित कार्यप्रणाली से इनका समाधान खोजेंगे।


राहुल लोधी अपने घर से हारे:


आपको बता दें कि बीजेपी प्रत्याशी राहुल सिंह खेरूआ के ही रहने वाले हैं वे खुद अपने ही गृह क्षेत्र के मतदान केंद्र से चुनाव हार गए हैं। इस मतदान केंद्र 12 पर कांग्रेस प्रत्याशी को 206 वोट मिले, जबकि राहुल सिंह को 108 वोट मिले। इसके साथ ही भाजपा नेता एवं पूर्व वित्त मंत्री जयंत मलैया के क्षेत्र में भी भाजपा पीछे रही। जयंत मलैया के वार्ड नंबर 134 पोलिंग बूथ पर भी भाजपा को करारी हार मिली है।

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